चूरू: प्यार में अंधी पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर पति को रास्ते से हटा दिया।मामला राजस्थान के चूरू जिले का है। रिश्तों को शर्मसार वाली इस घटना में कोर्ट ने बड़ा फैसला सनाया है। चूरू के बहुचर्चित हत्या कांड में राजगढ़ की एडीजे कोर्ट के जज मुनेश चंद्र यादव ने मृतक की पत्नी बबीता और प्रेमी नरेश कुमार को पति के हत्या आरोप में उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया हैं।
शादी के बाद भी नहीं टूटा प्रेम संबंध
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, मामले के अनुसार कुलवंत ने हमीरवास थाने में रिपोर्ट दी कि उसके भाई का बेटा मंजीत थिरपाली बड़ी में मुर्गा फार्म चलता था। मंजीत की शादी बबीता निवासी डिंगली के साथ हुई थी। शादी से पहले ही बबीता के नरेश कुमार जाट निवासी बूढ़ावास के साथ अवैध संबंध थे, जो शादी के बाद भी जारी रहे। आपत्ति करने पर नरेश व बबीता ने मंजीत को जान से मारने की धमकी देते थे। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में मंजीत की शादी बबीता से हुई। शादी से पहले ही बबीता और नरेश के बीच अवैध संबंध थे, जो शादी के बाद भी जारी रहे। विरोध करने पर पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। मंजीत ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ भी लिया, जिसके बाद नरेश और बबीता ने उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
25 नवंबर 2019 : टक्कर से हुई हत्या
थाने में रिपोर्ट के अनुसार, हत्या की रात मंजीत बाइक से अपने गांव लौट रहा था। उसी दौरान नरेश ने मंजीत की पत्नी बबीता के साथ षड्यंत्र रचकर गाड़ी से जोरदार टक्कर मारी और मौके पर ही मंजीत की जान ले ली।
19 गवाह, 77 दस्तावेज और पुख्ता सबूत
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पुलिस ने हत्या का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुकदमे में 19 गवाहों की गवाही और 77 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मोबाइल कॉल डिटेल को अहम मानते हुए दोनों को धारा 302 और 120B के तहत दोषी ठहराया।
कोर्ट ने कहा – इकलौते बेटे के माता-पिता को मिले मुआवजा
निर्णय में जज मुनेश चंद्र यादव ने लिखा कि मृतक मंजीत अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। लिहजा मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजकर उचित प्रतिकर दिलाया जाए।
शादी के बाद भी नहीं टूटा प्रेम संबंध
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, मामले के अनुसार कुलवंत ने हमीरवास थाने में रिपोर्ट दी कि उसके भाई का बेटा मंजीत थिरपाली बड़ी में मुर्गा फार्म चलता था। मंजीत की शादी बबीता निवासी डिंगली के साथ हुई थी। शादी से पहले ही बबीता के नरेश कुमार जाट निवासी बूढ़ावास के साथ अवैध संबंध थे, जो शादी के बाद भी जारी रहे। आपत्ति करने पर नरेश व बबीता ने मंजीत को जान से मारने की धमकी देते थे। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में मंजीत की शादी बबीता से हुई। शादी से पहले ही बबीता और नरेश के बीच अवैध संबंध थे, जो शादी के बाद भी जारी रहे। विरोध करने पर पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। मंजीत ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ भी लिया, जिसके बाद नरेश और बबीता ने उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
25 नवंबर 2019 : टक्कर से हुई हत्या
थाने में रिपोर्ट के अनुसार, हत्या की रात मंजीत बाइक से अपने गांव लौट रहा था। उसी दौरान नरेश ने मंजीत की पत्नी बबीता के साथ षड्यंत्र रचकर गाड़ी से जोरदार टक्कर मारी और मौके पर ही मंजीत की जान ले ली।
19 गवाह, 77 दस्तावेज और पुख्ता सबूत
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पुलिस ने हत्या का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुकदमे में 19 गवाहों की गवाही और 77 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मोबाइल कॉल डिटेल को अहम मानते हुए दोनों को धारा 302 और 120B के तहत दोषी ठहराया।
कोर्ट ने कहा – इकलौते बेटे के माता-पिता को मिले मुआवजा
निर्णय में जज मुनेश चंद्र यादव ने लिखा कि मृतक मंजीत अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। लिहजा मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजकर उचित प्रतिकर दिलाया जाए।
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