इंटरनेट डेस्क। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर है। ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के लीडर ने साफ कहा है कि चाहे 8वें वेतन आयोग की घोषणा में कुछ देरी क्यों न हो, लेकिन यह जनवरी 2026 से ही लागू होना चाहिए। उनका तर्क है कि हर वेतन आयोग का लाभ तय समय से ही दिया जाता है और कर्मचारियों को इसका पिछला बकाया भी मिलना चाहिए। यानी, भले ही सरकार इसकी अधिसूचना थोड़ी देर से जारी करे, लेकिन सैलरी बढ़ोतरी और भत्तों का असर जनवरी 2026 से गिना जाएगा।
वहीं अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ के महासचिव मिश्रा ने कहा, इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है। आयोग का गठन किया जाएगा और वह हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करेगा और फिर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। फिर इसे सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाएगा...
हमारा कहना यह है कि देरी के बावजूद, वेतन वृद्धि की प्रभावी तिथि 1 जनवरी, 2026 होनी चाहिए। सातवें वेतन आयोग का उदाहरण देते हुए, मिश्रा ने याद दिलाया कि तब वेतन वृद्धि 1 जुलाई, 2016 से लागू की गई थी, लेकिन कर्मचारियों को जनवरी 2016 से शुरू होने वाले छह महीने का बकाया भुगतान किया गया था। इसी तरह, कर्मचारियों को इस बार भी बकाया मिलना चाहिए।
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